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Saturday, September 22, 2018

Poem of Love/ IN HINDI-- love at first site...love side/ IN HINDI



वो बस मेरी है|

कहा था  अपने आप से,

देखा था मैंने  उसे जब से:

अलग थी वो सबसे ,

 अलग था मैं सबसे:

वो खोयी सी सहमायी सी,

थोड़ी सी सरमायी सी:

हल्की सी घबरायी सी !

मैं थोड़ा सा बेताब हुआ,

नज़रों ने उसकी घाव किया:

फिर प्यार  का मैंने हिसाब किया!

बरसों सा लागा एक -एक पल !

मैंने जो ना था कभी जिया !

नज़रें उसकी झुकी हुई !

 पास मैं उसके चला गया ,

फिर एक बात का चला !

थी धड़कन उसकी बढ़ी हुई,

थी धड़कन मेरी बढ़ी हुई !

पहली बार में ही ,

मैं उसका  हो गया था,

वो मेरी हो गयी थी ,

बस मेरी हो गयी थी!!

हां वो बस मेरी है 
 (द्वारा :: जॉर्ज क्रिस्टन )

to be continued.......