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Monday, October 22, 2018

POEM OF LOVE IN HINDI-- TERA MAREEJ HO GYA HOO IN HNIDI PART-2


तेरा मरीज़ हो गया हूँ!


दिल का मरीज़ तो,
मैं पहले से ही  था ,
अब  तेरा मरीज़ हो गया हूँ 

जब तक मेरा मन,
खिलती हुई धूप सी तेरी ,
मुस्कान न देख ले ,
मन को चैन नहीं आता,
तेरी उस मुस्कान को देखने 
के लिए थोड़ा बद्तमीज ,
सा हो गया हूँ ,
दिल का मरीज़ तो,
मैं पहले से ही  था ,
अब  तेरा मरीज़ हो गया हूँ !

कि जला जा रहा हूँ,
तेरी एक झलक पाने लिए ,
कब तेरी मोहब्बत मुझ पर,
बरसात बनकर बरसेगी ,
इसी बात को सोच-सोच कर,
खाली पड़ी बंजर ,
ज़मीन सा हो गया हूँ!
दिल का मरीज़ तो,
मैं पहले से ही  था ,
अब  तेरा मरीज़ हो गया हूँ !

                                   ::::--(जॉर्ज क्रिस्टन )   

!!!!!!!!!!!!!!! 

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